शनिवार, 11 मार्च 2017

जीत दर जीत जवावदेही तो बढ़ेगी ही,,,,,,

बनखेड़ी ( योगेश शर्मा) - देश के सबसे बड़े राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोषे की ऐसी मुहर लगाई की यह जीत लोकसभा 2014 की तरह ऐतिहासिक बन गई। उत्तराखंड भी एकतरफा फतह किया। हालांकि मतदाताओं ने गोवा,मणिपुर,पंजाब में जता दिया की उनकी मंशा मंच से विकास को जमीन पर देखने की हैं। यही उत्तरप्रदेश में हुआ पीएम को और भी ज्यादा जिम्मेदारी का अहसास करा दिया। अब सब कुछ आपके हवाले हैं करिये अपनी नीतियों से देश और प्रदेश का बदलाव। नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक यकीनन  साहसिक कदम था। क्या खोया,क्या पाया अलग बात है। इसके दूरगामी परिणाम अभी आने बाकी हैं। राममंदिर बने या न बने पर किसानों की हालत सुधरें,भृष्टाचार पर लगाम लगे,युवाओं को रोजगार मिलें।

समय बदल रहा हैं सोच भी बदल रही हैं लोग एनचुनाव के वक्त मंचों से फेंके गए रहमत बरसाने वाले लुभावने वादों पर  यकीन नही करते वर्ना पंजाब में तस्वीर अलग होती। पांच रॉज्यो में एंटी इंकमबेंसी फैक्टर देखने को मिला हैं। लोकतंत्र में अवसरवाद सदैव हावी रहा हैं। जाने कब अच्छे दिन आएंगे यह इन्तजार आज भी है। पंजाब में नशे कारोबार खत्म होगा भले ही वहाँ अब आपकी सरकार नही हैं देखना दिलचस्प होगा उप्र में किये गए आपके वादों के हिसाब से भेदभाव पंजाब से भी नही होगा। क्योंकि अगर पंजाब ने पहले आपको चुना है कैप्टन को बाद में। उत्तराखंड में रावत सरकार के खिलाफ लोगों में आक्रोश था सो वहाँ सत्ता आपको सौप दी।

गधे से प्रेरणा भी ले ली गई,धर्म को भी ढाल बनाकर सियासत गढ़ी गई और सफल भी हुई पर जिस अंदाज में आप सबसे लोकप्रिय जननेता बनकर उभरे हैं तो यकीनन उम्मीदों का पिटारा भी आपके कंधों पर हैं भारत की उम्मीदें भी ? अंत में कांग्रेस,सपा,बसपा को सबक लेना होगा की राजनीति परंपरागत तौर तरीकों से इतर समय रहते संभलने की हैं। एक दुर्भाग्य भी हैं कि लोकतंत्र में विपक्ष कमजोर होता जा रहा हैं। ईश्वर न करे जननायक मोदी जी इस सच को समझते रहें और सफलता के घोड़े पर सवार होकर पार्टी को बेलगाम न छोड़ दे। क्योंकि व्यापम घोटाला,बेलगाम आतंकी घटनाएं,कालाधन,काश्मीर में धारा 370,अस्थिरता,आईएसआई एजेंटों के खुलाशे,किसानों की आत्महत्या,जेंसे मुद्दों पर देश के प्रधानमंत्री की बेबाक जुबान खुलना अभी बाकी हैं। होली की हार्दिक स्नेहिल शुभकामनाएं,,,,,,,,,